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गुरुवार, 13 दिसंबर 2018

जन्मदिन की सहृदय शुभांक्षाए



शक्ति हो बुद्धि का विराट सा आकार हो।
आकाश में रहो मगन,प्रसन्नता अपार हो।
विलुप्त हो अशांति संतोष का आधार हो।
कल्पना से हो परे प्रेम का परिवार हो।
वर्ष भर की हंसी ही आज का उपहार हो।
आशीष हो सौभाग्य हो और स्वास्थ्य निर्विकार हो।
- आशीष

शुभकामनाएं--


सारे अक्षर है अमिट अतुल ,अक्षरमाला अनुरोधों की।
हर अर्थ को व्यर्थ बनाती है , पड़ती छाया प्रतिरोधों की।
हठ से दुख से छल से आये, विपरीत चले जो वायु वेग
अनुकूल रूप का ले स्वरूप,बरसे खुलकर अनुराग मेघ।
निष्पक्ष निस्वार्थ निरंतर हो,माला शब्दों की वर्णों की।
हो मधुर सुगंधित अचर प्रेम , कंचन हाला हो वर्षों की।

-- आशीष